ॐ नमो नमः कृष्ण गोपाल (x2)
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
ॐ नमो नमः कृष्ण गोपाल (x2)
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
मन ही मन मुस्काने गोपिया
मन ही मन मुस्काये
बिन दोर खींची चले आए
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
ॐ नमो नमः कृष्ण गोपाला
तीन लोक का करिशन कन्हैया
मटकी फोड के माखन खाए
कुड़ के अमुना की गोदी में (x2)
शेष नाग से मुक्ति दिलाये
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
हाथ जोड़ के विंटी करत है
नित सुदामा गलती न होवे
रात भर बैठ के अर्जुन को (x2)
करिषन रूप के दर्शन होवे
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए
कान्हा रे बंसुरिया बजाये
आनंद आए।
If you liked this post please do not forget to leave a comment. Thanks