म्हासु आँख मिचोली खेले रे
श्याम धणी अपने भक्ता ने खूब टटोले रे
कठिन परीक्षा लेवे लेकिन छोड़े ना ही कलाई
हो जब पानी सिर के ऊपर श्याम करे सुनवाई
नैया खावे भले हिचकोले रे
श्याम धणी अपने भक्ता ने खूब टटोले रे
म्हासु आँख मिचोली...........
जद भी कोई पड़े मुसीबत आंख्यां भर भर आवे
पर आंसू ना गिरने देवे पल में हाथ बढ़ावे
मैं हूँ चिंता ना कर बोले रे
श्याम धणी अपने भक्ता ने खूब टटोले रे
म्हासु आँख मिचोली...........
यो जीवन है जी जीवन में सुख दुःख आवे जावे
मौज में काटो जीवन शिवम् श्याम धणी सिखलावे
म्हारी आंख्या पग पग होले रे
श्याम धणी अपने भक्ता ने खूब टटोले रे
म्हासु आँख मिचोली...........
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