हर हर महाँदेव शंभू काशी विश्वनाथ गंगे (Har har mahadev shambhukashi vishwanath gange lyrics in hindi) - Bhaktilok

Roshan Lal Bind

 हर हर महाँदेव शंभू काशी विश्वनाथ गंगे (har har mahadev shambhukashi vishwanath gange lyrics in hindi) - 


हर हर महाँदेव शंभू

हर हर, महाँदेव शंभू, 

काशी, विश्वनाथ गंगे 

हर हर, भूत नाथ शंभू, 

काशी, विश्वनाथ गंगे 

हर हर, वैद्यनाथ शंभू, 

काशी, विश्वनाथ गंगे 

काशी, विश्वनाथ गंगे, 

सदाशिव, पार्वती संगे 

हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,

( हाँ हाँ )

नमो, निरंजन, निराकार, 

"साकार बने अर्धंगा 

पलित, कपोल, भाल उर राजत, 

पीए, हलाहल भंगा,

हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,

( हाँ हाँ )

डिमिक, डिमिक डम, 

डमरू बाजे, ,गावत ताल तरंगा 

ढिमिक, ढिमिक ढिम, 

बाजे पखावज़, मुरली, और मोरचंगा,

हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,

( हाँ हाँ )

जटन, बीच में, गंगा नाचे, 

नाचत, भुजग भुजंगा 

अपनी, धुन में, गणपति नाचे, 

नाचे, ऋद्धि सिद्धि संगा,

हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,

( हाँ हाँ )

कैलाशी, काशी के वासी, 

"अमरनाथ, दुःख भंजन 

उज्जैनी के, महाँकाल हैं, 

भक्तों, के चितरंजन,

हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,

( हाँ हाँ )

ब्रह्मा, नाचे, विष्णु नाचे, 

"नाचे, देवलोक सारा   

झूम, झूम के, नारद नाचे, 

गूंजे सदा जयकारा,

हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,

हर हर महांदेव


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