मन रे तन कागद का पुतला (Mann re tann kaagad ka putla Lyrics in Hindi) -
मन रे तन कागद का पुतला ।
लागे बूंद बिनसि जाय छिन में,
गर्व करे क्या इतना ।
माटी खोद के भीत उसारे,
अंध कहे घर मेरा ।
आवै तलब बाँधि ले चाले,
बहुरि न करिहैं फेरा ।
खोट कपट करि बहु धन जोड़े,
ले धरती में गाड़े ।
रुके घट श्वास नहीं जब निकसे,
ठौर ठौर सब छाड़े ।
कहैं कबीर नट नाटिक थाके,
मदला कौन बजावै ।
गये पषनिया उझरी बाजी,
को काहू को आवै ।
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