करता हूँ एक विनती तुमसे ओ मेरे श्याम (karta hu ek vinti lyrics in hindi) -
करता हूँ एक विनती
तुमसे ओ मेरे श्याम |
दरबार ये ना छूटे
संकट हो या आराम ||
जब क्रोध में आऊँ तो
तुम शीतलता देना |
जब हो जाऊँ मैं कठोर
थोड़ी कोमलता देना |
न आए अहम कभी
प्रभु रखना थोड़ा ध्यान |
सेवा ये ना छूटे
चाहे दुख हो या आराम ||
जब पड़ जाऊँ कमजोर
प्रभु हाथ पकड़ लेना |
अंधियारा हो घनघोर
बाँहों में जकड़ लेना |
ना चाहूँ अधिक लेकिन
दे पाऊँ दिन को दान |
विश्वास ये ना टूटे
संकट हो या आराम ||
व्याकुल हो जाऊँ तो
तुम धीर बँधा देना |
सत्पथ से भटक जाऊँ तो
तुम राह दिखा देना ||
मन में ना आए बैर
हाथों से अच्छे का |
रिश्ता ये ना टूटे
संकट हो या आराम ||
जब अंतकाल आए
थोड़ी दया दिखा देना |
‘गोविंद’ कहे मोहन-सी
एक झलक दिखा देना |
क्षण भर भी दर्शन पाकर
हो जाएगा कल्याण |
दरबार ये ना छूटे
संकट हो या आराम ||
करता हूँ एक विनती
तुमसे ओ मेरे श्याम |
दरबार ये ना छूटे
संकट हो या आराम ||
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