करता हूँ एक विनती तुमसे ओ मेरे श्याम (karta hu ek vinti lyrics in hindi) - Bhaktilok

Roshan Lal Bind

 करता हूँ एक विनती तुमसे ओ मेरे श्याम (karta hu ek vinti lyrics in hindi) - 


करता हूँ एक विनती 

तुमसे ओ मेरे श्याम |

दरबार ये ना छूटे 

संकट हो या आराम ||


जब क्रोध में आऊँ तो 

तुम शीतलता देना |

जब हो जाऊँ मैं कठोर 

थोड़ी कोमलता देना |

न आए अहम कभी 

प्रभु रखना थोड़ा ध्यान |

सेवा ये ना छूटे 

चाहे दुख हो या आराम ||


जब पड़ जाऊँ कमजोर

प्रभु हाथ पकड़ लेना |

अंधियारा हो घनघोर

बाँहों में जकड़ लेना |

ना चाहूँ अधिक लेकिन

दे पाऊँ दिन को दान |

विश्वास ये ना टूटे

संकट हो या आराम ||


व्याकुल हो जाऊँ तो

तुम धीर बँधा देना |

सत्पथ से भटक जाऊँ तो

तुम राह दिखा देना ||

मन में ना आए बैर

हाथों से अच्छे का |

रिश्ता ये ना टूटे

संकट हो या आराम ||


जब अंतकाल आए

थोड़ी दया दिखा देना |

‘गोविंद’ कहे मोहन-सी

एक झलक दिखा देना |

क्षण भर भी दर्शन पाकर

हो जाएगा कल्याण |

दरबार ये ना छूटे

संकट हो या आराम ||


करता हूँ एक विनती 

तुमसे ओ मेरे श्याम |

दरबार ये ना छूटे 

संकट हो या आराम ||



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