श्री हनुमत्सहस्रनामावली (Sri Hanuman Sahasranamavali Lyrics in Hindi) -
।। श्री हनुमत्सहस्रनामावली ।।
ओं हनुमते नमः।।
ओं श्रीप्रदाय नमः।।
ओं वायुपुत्राय नमः।।
ओं रुद्राय नमः।।
ओं नयाय नमः।।
ओं अजराय नमः।।
ओं अमृत्यवे नमः।।
ओं वीरवीराय नमः।।
ओं ग्रामवासाय नमः।।
ओं जनाश्रयाय नमः।।
ओं धनदाय नमः।।
ओं निर्गुणाकाराय नमः।।
ओं वीराय नमः।।
ओं निधिपतये नमः।।
ओं मुनये नमः।।
ओं पिङ्गाक्षाय नमः।।
ओं वरदाय नमः।।
ओं वाग्मिने नमः।।
ओं सीताशोकविनाशनाय नमः।।
ओं शिवाय नमः।। २०
ओं शर्वाय नमः।।
ओं पराय नमः।।
ओं अव्यक्ताय नमः।।
ओं व्यक्ताव्यक्ताय नमः।।
ओं धराधराय नमः।।
ओं पिङ्गकेशाय नमः।।
ओं पिङ्गरोमाय नमः।।
ओं श्रुतिगम्याय नमः।।
ओं सनातनाय नमः।।
ओं अनादये नमः।।
ओं भगवते नमः।।
ओं दिव्याय नमः।।
ओं विश्वहेतवे नमः।।
ओं नराश्रयाय नमः।।
ओं आरोग्यकर्त्रे नमः।।
ओं विश्वेशाय नमः।।
ओं विश्वनाथाय नमः।।
ओं हरीश्वराय नमः।।
ओं भर्गाय नमः।।
ओं रामाय नमः।। ४०
ओं रामभक्ताय नमः।।
ओं कल्याणप्रकृतीश्वराय नमः।।
ओं विश्वम्भराय नमः।।
ओं विश्वमूर्तये नमः।।
ओं विश्वाकाराय नमः।।
ओं विश्वपाय नमः।।
ओं विश्वात्मने नमः।।
ओं विश्वसेव्याय नमः।।
ओं विश्वाय नमः।।
ओं विश्वधराय नमः।।
ओं रवये नमः।।
ओं विश्वचेष्टाय नमः।।
ओं विश्वगम्याय नमः।।
ओं विश्वध्येयाय नमः।।
ओं कलाधराय नमः।।
ओं प्लवङ्गमाय नमः।।
ओं कपिश्रेष्ठाय नमः।।
ओं ज्येष्ठाय नमः।।
ओं वेद्याय नमः।।
ओं वनेचराय नमः।। ६०
ओं बालाय नमः।।
ओं वृद्धाय नमः।।
ओं यूने नमः।।
ओं तत्त्वाय नमः।।
ओं तत्त्वगम्याय नमः।।
ओं सखिने नमः।।
ओं अजाय नमः।।
ओं अञ्जनासूनवे नमः।।
ओं अव्यग्राय नमः।।
ओं ग्रामस्यान्ताय नमः।।
ओं धराधराय नमः।।
ओं भूर्लोकाय नमः।।
ओं भुवर्लोकाय नमः।।
ओं स्वर्लोकाय नमः।।
ओं महर्लोकाय नमः।।
ओं जनोलोकाय नमः।।
ओं तपोलोकाय नमः।।
ओं अव्ययाय नमः।।
ओं सत्याय नमः।।
ओं ओङ्कारगम्याय नमः।। ८०
ओं प्रणवाय नमः।।
ओं व्यापकाय नमः।।
ओं अमलाय नमः।।
ओं शिवधर्मप्रतिष्ठात्रे नमः।।
ओं रामेष्टाय नमः।।
ओं फल्गुनप्रियाय नमः।।
ओं गोष्पदीकृतवारीशाय नमः।।
ओं पूर्णकामाय नमः।।
ओं धरापतये नमः।।
ओं रक्षोघ्नाय नमः।।
ओं पुण्डरीकाक्षाय नमः।।
ओं शरणागतवत्सलाय नमः।।
ओं जानकीप्राणदात्रे नमः।।
ओं रक्षःप्राणापहारकाय नमः।।
ओं पूर्णाय नमः।।
ओं सत्याय नमः।।
ओं पीतवाससे नमः।।
ओं दिवाकरसमप्रभाय नमः।।
ओं द्रोणहर्त्रे नमः।।
ओं शक्तिनेत्रे नमः।। १००
ओं शक्तिराक्षसमारकाय नमः।।
ओं अक्षघ्नाय नमः।।
ओं रामदूताय नमः।।
ओं शाकिनीजीविताहराय नमः।।
ओं बुभूकारहतारातये नमः।।
ओं गर्वपर्वतमर्दनाय नमः।।
ओं हेतवे नमः।।
ओं अहेतवे नमः।।
ओं प्रांशवे नमः।।
ओं विश्वकर्त्रे नमः।।
ओं जगद्गुरवे नमः।।
ओं जगन्नाथाय नमः।।
ओं जगन्नेत्रे नमः।।
ओं जगदीशाय नमः।।
ओं जनेश्वराय नमः।।
ओं जगत्श्रिताय नमः।।
ओं हरये नमः।।
ओं श्रीशाय नमः।।
ओं गरुडस्मयभञ्जकाय नमः।।
ओं पार्थध्वजाय नमः।। १२०
ओं वायुपुत्राय नमः।।
ओं सितपुच्छाय नमः।।
ओं अमितप्रभाय नमः।।
ओं ब्रह्मपुच्छाय नमः।।
ओं परब्रह्मपुच्छाय नमः।।
ओं रामेष्टकारकाय नमः।।
ओं सुग्रीवादियुताय नमः।।
ओं ज्ञानिने नमः।।
ओं वानराय नमः।।
ओं वानरेश्वराय नमः।।
ओं कल्पस्थायिने नमः।।
ओं चिरञ्जीविने नमः।।
ओं प्रसन्नाय नमः।।
ओं सदाशिवाय नमः।।
ओं सन्मतये नमः।।
ओं सद्गतये नमः।।
ओं भुक्तिमुक्तिदाय नमः।।
ओं कीर्तिदायकाय नमः।।
ओं कीर्तये नमः।।
ओं कीर्तिप्रदाय नमः।। १४०
ओं समुद्राय नमः।।
ओं श्रीप्रदाय नमः।।
ओं शिवाय नमः।।
ओं उदधिक्रमणाय नमः।।
ओं देवाय नमः।।
ओं संसारभयनाशनाय नमः।।
ओं वालिबन्धनकृते नमः।।
ओं विश्वजेत्रे नमः।।
ओं विश्वप्रतिष्ठिताय नमः।।
ओं लङ्कारये नमः।।
ओं कालपुरुषाय नमः।।
ओं लङ्केशगृहभञ्जनाय नमः।।
ओं भूतावासाय नमः।।
ओं वासुदेवाय नमः।।
ओं वसवे नमः।।
ओं त्रिभुवनेश्वराय नमः।।
ओं श्रीरामरूपाय नमः।।
ओं कृष्णरूपाय नमः।।
ओं लङ्काप्रासादभञ्जनाय नमः।।
ओं कृष्णाय नमः।। १६०
ओं कृष्णस्तुताय नमः।।
ओं शान्ताय नमः।।
ओं शान्तिदाय नमः।।
ओं विश्वभावनाय नमः।।
ओं विश्वभोक्त्रे नमः।।
ओं मारघ्नाय नमः।।
ओं ब्रह्मचारिणे नमः।।
ओं जितेन्द्रियाय नमः।।
ओं ऊर्ध्वगाय नमः।।
ओं लाङ्गुलिने नमः।।
ओं मालिने नमः।।
ओं लाङ्गूलाहतराक्षसाय नमः।।
ओं समीरतनुजाय नमः।।
ओं वीराय नमः।।
ओं वीरमाराय नमः।।
ओं जयप्रदाय नमः।।
ओं जगन्मङ्गलदाय नमः।।
ओं पुण्याय नमः।।
ओं पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः।।
ओं पुण्यकीर्तये नमः।। १८०
ओं पुण्यगीतये नमः।।
ओं जगत्पावनपावनाय नमः।।
ओं देवेशाय नमः।।
ओं अमितरोम्णे नमः।।
ओं रामभक्तविधायकाय नमः।।
ओं ध्यात्रे नमः।।
ओं ध्येयाय नमः।।
ओं जगत्साक्षिणे नमः।।
ओं चेतसे नमः।।
ओं चैतन्यविग्रहाय नमः।।
ओं ज्ञानदाय नमः।।
ओं प्राणदाय नमः।।
ओं प्राणाय नमः।।
ओं जगत्प्राणाय नमः।।
ओं समीरणाय नमः।।
ओं विभीषणप्रियाय नमः।।
ओं शूराय नमः।।
ओं पिप्पलाश्रयसिद्धिदाय नमः।।
ओं सिद्धाय नमः।।
ओं सिद्धाश्रयाय नमः।। २००
ओं कालाय नमः।।
ओं कालभक्षकपूजिताय नमः।।
ओं लङ्केशनिधनस्थायिने नमः।।
ओं लङ्कादाहकाय नमः।।
ओं ईश्वराय नमः।।
ओं चन्द्रसूर्याग्निनेत्राय नमः।।
ओं कालाग्नये नमः।।
ओं प्रलयान्तकाय नमः।।
ओं कपिलाय नमः।।
ओं कपिशाय नमः।।
ओं पुण्यरातये नमः।।
ओं द्वादशराशिगाय नमः।।
ओं सर्वाश्रयाय नमः।।
ओं अप्रमेयात्मने नमः।।
ओं रेवत्यादिनिवारकाय नमः।।
ओं लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।।
ओं सीताजीवनहेतुकाय नमः।।
ओं रामध्यायिने नमः।।
ओं हृषीकेशाय नमः।।
ओं विष्णुभक्ताय नमः।। २२०
ओं जटिने नमः।।
ओं बलिने नमः।।
ओं देवारिदर्पघ्ने नमः।।
ओं होत्रे नमः।।
ओं धात्रे नमः।।
ओं कर्त्रे नमः।।
ओं जगत्प्रभवे नमः।।
ओं नगरग्रामपालाय नमः।।
ओं शुद्धाय नमः।।
ओं बुद्धाय नमः।।
ओं निरन्तराय नमः।।
ओं निरञ्जनाय नमः।।
ओं निर्विकल्पाय नमः।।
ओं गुणातीताय नमः।।
ओं भयङ्कराय नमः।।
ओं हनुमते नमः।।
ओं दुराराध्याय नमः।।
ओं तपःसाध्याय नमः।।
ओं महेश्वराय नमः।।
ओं जानकीघनशोकोत्थतापहर्त्रे नमः।। २४०
ओं पराशराय नमः।।
ओं वाङ्मयाय नमः।।
ओं सदसद्रूपाय नमः।।
ओं कारणाय नमः।।
ओं प्रकृतेः पराय नमः।।
ओं भाग्यदाय नमः।।
ओं निर्मलाय नमः।।
ओं नेत्रे नमः।।
ओं पुच्छलङ्काविदाहकाय नमः।।
ओं पुच्छबद्धाय नमः।।
ओं यातुधानाय नमः।।
ओं यातुधानरिपुप्रियाय नमः।।
ओं छायापहारिणे नमः।।
ओं भूतेशाय नमः।।
ओं लोकेशाय नमः।।
ओं सद्गतिप्रदाय नमः।।
ओं प्लवङ्गमेश्वराय नमः।।
ओं क्रोधाय नमः।।
ओं क्रोधसंरक्तलोचनाय नमः।।
ओं क्रोधहर्त्रे नमः।। २६०
ओं तापहर्त्रे नमः।।
ओं भक्ताभयवरप्रदाय नमः।।
ओं भक्तानुकम्पिने नमः।।
ओं विश्वेशाय नमः।।
ओं पुरुहूताय नमः।।
ओं पुरन्दराय नमः।।
ओं अग्नये नमः।।
ओं विभावसवे नमः।।
ओं भास्वते नमः।।
ओं यमाय नमः।।
ओं निरृतये नमः।।
ओं वरुणाय नमः।।
ओं वायुगतिमते नमः।।
ओं वायवे नमः।।
ओं कुबेराय नमः।।
ओं ईश्वराय नमः।।
ओं रवये नमः।।
ओं चन्द्राय नमः।।
ओं कुजाय नमः।।
ओं सौम्याय नमः।। २८०
ओं गुरवे नमः।।
ओं काव्याय नमः।।
ओं शनैश्चराय नमः।।
ओं राहवे नमः।।
ओं केतवे नमः।।
ओं मरुते नमः।।
ओं दात्रे नमः।।
ओं धात्रे नमः।।
ओं हर्त्रे नमः।।
ओं समीरजाय नमः।।
ओं मशकीकृतदेवारये नमः।।
ओं दैत्यारये नमः।।
ओं मधुसूदनाय नमः।।
ओं कामाय नमः।।
ओं कपये नमः।।
ओं कामपालाय नमः।।
ओं कपिलाय नमः।।
ओं विश्वजीवनाय नमः।।
ओं भागीरथीपदाम्भोजाय नमः।।
ओं सेतुबन्धविशारदाय नमः।। ३००
ओं स्वाहायै नमः।।
ओं स्वधायै नमः।।
ओं हविषे नमः।।
ओं कव्याय नमः।।
ओं हव्यवाहाय नमः।।
ओं प्रकाशकाय नमः।।
ओं स्वप्रकाशाय नमः।।
ओं महावीराय नमः।।
ओं मधुराय नमः।।
ओं अमितविक्रमाय नमः।।
ओं उड्डीनोड्डीनगतिमते नमः।।
ओं सद्गतये नमः।।
ओं पुरुषोत्तमाय नमः।।
ओं जगदात्मने नमः।।
ओं जगद्योनये नमः।।
ओं जगदन्ताय नमः।।
ओं अनन्तराय नमः।।
ओं विपाप्मने नमः।।
ओं निष्कलङ्काय नमः।।
ओं महते नमः।। ३२०
ओं महदहङ्कृतये नमः।।
ओं खाय नमः।।
ओं वायवे नमः।।
ओं पृथिव्यै नमः।।
ओं अद्भ्यः नमः।।
ओं वह्नये नमः।।
ओं दिशे नमः।।
ओं कालाय नमः।।
ओं एकलाय नमः।।
ओं क्षेत्रज्ञाय नमः।।
ओं क्षेत्रपालाय नमः।।
ओं पल्वलीकृतसागराय नमः।।
ओं हिरण्मयाय नमः।।
ओं पुराणाय नमः।।
ओं खेचराय नमः।।
ओं भूचराय नमः।।
ओं मनवे नमः।।
ओं हिरण्यगर्भाय नमः।।
ओं सूत्रात्मने नमः।।
ओं राजराजाय नमः।। ३४०
ओं विशां पतये नमः।।
ओं वेदान्तवेद्याय नमः।।
ओं उद्गीथाय नमः।।
ओं वेदाङ्गाय नमः।।
ओं वेदपारगाय नमः।।
ओं प्रतिग्रामस्थिताय नमः।।
ओं सद्यः स्फूर्तिदात्रे नमः।।
ओं गुणाकराय नमः।।
ओं नक्षत्रमालिने नमः।।
ओं भूतात्मने नमः।।
ओं सुरभये नमः।।
ओं कल्पपादपाय नमः।।
ओं चिन्तामणये नमः।।
ओं गुणनिधये नमः।।
ओं प्रजाद्वाराय नमः।।
ओं अनुत्तमाय नमः।।
ओं पुण्यश्लोकाय नमः।।
ओं पुरारातये नमः।।
ओं मतिमते नमः।।
ओं शर्वरीपतये नमः।। ३६०
ओं किल्किलारावसन्त्रस्तभूतप्रेतपिशाचकाय नमः।।
ओं ऋणत्रयहराय नमः।।
ओं सूक्ष्माय नमः।।
ओं स्थूलाय नमः।।
ओं सर्वगतये नमः।।
ओं पुंसे नमः।।
ओं अपस्मारहराय नमः।।
ओं स्मर्त्रे नमः।।
ओं श्रुतये नमः।।
ओं गाथाय नमः।।
ओं स्मृतये नमः।।
ओं मनवे नमः।।
ओं स्वर्गद्वाराय नमः।।
ओं प्रजाद्वाराय नमः।।
ओं मोक्षद्वाराय नमः।।
ओं यतीश्वराय नमः।।
ओं नादरूपाय नमः।।
ओं परस्मै ब्रह्मणे नमः।।
ओं ब्रह्मणे नमः।।
ओं ब्रह्मपुरातनाय नमः।। ३८०
ओं एकाय नमः।।
ओं अनेकाय नमः।।
ओं जनाय नमः।।
ओं शुक्लाय नमः।।
ओं स्वयञ्ज्योतिषे नमः।।
ओं अनाकुलाय नमः।।
ओं ज्योतिर्ज्योतिषे नमः।।
ओं अनादये नमः।।
ओं सात्त्विकाय नमः।।
ओं राजसाय नमः।।
ओं तमसे नमः।।
ओं तमोहर्त्रे नमः।।
ओं निरालम्बाय नमः।।
ओं निराकाराय नमः।।
ओं गुणाकराय नमः।।
ओं गुणाश्रयाय नमः।।
ओं गुणमयाय नमः।।
ओं बृहत्कायाय नमः।।
ओं बृहद्यशसे नमः।।
ओं बृहद्धनुषे नमः।। ४००
ओं बृहत्पादाय नमः।।
ओं बृहन्मूर्ध्ने नमः।।
ओं बृहत्स्वनाय नमः।।
ओं बृहत्कर्णाय नमः।।
ओं बृहन्नासाय नमः।।
ओं बृहद्बाहवे नमः।।
ओं बृहत्तनवे नमः।।
ओं बृहद्गलाय नमः।।
ओं बृहत्कायाय नमः।।
ओं बृहत्पुच्छाय नमः।।
ओं बृहत्कराय नमः।।
ओं बृहद्गतये नमः।।
ओं बृहत्सेवाय नमः।।
ओं बृहल्लोकफलप्रदाय नमः।।
ओं बृहद्भक्तये नमः।।
ओं बृहद्वाञ्छाफलदाय नमः।।
ओं बृहदीश्वराय नमः।।
ओं बृहल्लोकनुताय नमः।।
ओं द्रष्ट्रे नमः।।
ओं विद्यादात्रे नमः।। ४२०
ओं जगद्गुरवे नमः।।
ओं देवाचार्याय नमः।।
ओं सत्यवादिने नमः।।
ओं ब्रह्मवादिने नमः।।
ओं कलाधराय नमः।।
ओं सप्तपातालगामिने नमः।।
ओं मलयाचलसंश्रयाय नमः।।
ओं उत्तराशास्थिताय नमः।।
ओं श्रीशाय नमः।।
ओं दिव्यौषधिवशाय नमः।।
ओं खगाय नमः।।
ओं शाखामृगाय नमः।।
ओं कपीन्द्राय नमः।।
ओं पुराणाय नमः।।
ओं प्राणचञ्चुराय नमः।।
ओं चतुराय नमः।।
ओं ब्राह्मणाय नमः।।
ओं योगिने नमः।।
ओं योगिगम्याय नमः।।
ओं पराय नमः।। ४४०
ओं अवराय नमः।।
ओं अनादिनिधनाय नमः।।
ओं व्यासाय नमः।।
ओं वैकुण्ठाय नमः।।
ओं पृथिवीपतये नमः।।
ओं अपराजिताय नमः।।
ओं जितारातये नमः।।
ओं सदानन्ददाय नमः।।
ओं ईशित्रे नमः।।
ओं गोपालाय नमः।।
ओं गोपतये नमः।।
ओं योद्धाय नमः।।
ओं कलये नमः।।
ओं स्फालाय नमः।।
ओं परात्पराय नमः।।
ओं मनोवेगिने नमः।।
ओं सदायोगिने नमः।।
ओं संसारभयनाशनाय नमः।।
ओं तत्त्वदात्रे नमः।।
ओं तत्त्वज्ञाय नमः।। ४६०
ओं तत्त्वाय नमः।।
ओं तत्त्वप्रकाशकाय नमः।।
ओं शुद्धाय नमः।।
ओं बुद्धाय नमः।।
ओं नित्ययुक्ताय नमः।।
ओं भक्ताकाराय नमः।।
ओं जगद्रथाय नमः।।
ओं प्रलयाय नमः।।
ओं अमितमायाय नमः।।
ओं मायातीताय नमः।।
ओं विमत्सराय नमः।।
ओं मायानिर्जितरक्षसे नमः।।
ओं मायानिर्मितविष्टपाय नमः।।
ओं मायाश्रयाय नमः।।
ओं निर्लेपाय नमः।।
ओं मायानिर्वर्तकाय नमः।।
ओं सुखिने नमः।।
ओं सुखाय नमः।।
ओं सुखप्रदाय नमः।।
ओं नागाय नमः।। ४८०
ओं महेशकृतसंस्तवाय नमः।।
ओं महेश्वराय नमः।।
ओं सत्यसन्धाय नमः।।
ओं शरभाय नमः।।
ओं कलिपावनाय नमः।।
ओं रसाय नमः।।
ओं रसज्ञाय नमः।।
ओं सते नमः।।
ओं मानाय नमः।।
ओं रूपाय नमः।।
ओं चक्षुषे नमः।।
ओं श्रुतये नमः।।
ओं रवाय नमः।।
ओं घ्राणाय नमः।।
ओं गन्धाय नमः।।
ओं स्पर्शनाय नमः।।
ओं स्पर्शाय नमः।।
ओं हिङ्कारमानगाय नमः।।
ओं नेतिनेतीतिगम्याय नमः।।
ओं वैकुण्ठभजनप्रियाय नमः।। ५००
ओं गिरिशाय नमः।।
ओं गिरिजाकान्ताय नमः।।
ओं दुर्वाससे नमः।।
ओं कवये नमः।।
ओं अङ्गिरसे नमः।।
ओं भृगवे नमः।।
ओं वसिष्ठाय नमः।।
ओं च्यवनाय नमः।।
ओं नारदाय नमः।।
ओं तुम्बुरवे नमः।।
ओं हराय नमः।।
ओं विश्वक्षेत्राय नमः।।
ओं विश्वबीजाय नमः।।
ओं विश्वनेत्राय नमः।।
ओं विश्वपाय नमः।।
ओं याजकाय नमः।।
ओं यजमानाय नमः।।
ओं पावकाय नमः।।
ओं पितृभ्यः नमः।।
ओं श्रद्धये नमः।। ५२०
ओं बुद्धये नमः।।
ओं क्षमाय नमः।।
ओं तन्द्राय नमः।।
ओं मन्त्राय नमः।।
ओं मन्त्रयित्रे नमः।।
ओं सुराय नमः।।
ओं राजेन्द्राय नमः।।
ओं भूपतये नमः।।
ओं रूढाय नमः।।
ओं मालिने नमः।।
ओं संसारसारथये नमः।।
ओं नित्याय नमः।।
ओं सम्पूर्णकामाय नमः।।
ओं भक्तकामदुहे नमः।।
ओं उत्तमाय नमः।।
ओं गणपाय नमः।।
ओं केशवाय नमः।।
ओं भ्रात्रे नमः।।
ओं पित्रे नमः।।
ओं मात्रे नमः।। ५४०
ओं मारुतये नमः।।
ओं सहस्रमूर्ध्ने नमः।।
ओं सहस्रास्याय नमः।।
ओं सहस्राक्षाय नमः।।
ओं सहस्रपदे नमः।।
ओं कामजिते नमः।।
ओं कामदहनाय नमः।।
ओं कामाय नमः।।
ओं काम्यफलप्रदाय नमः।।
ओं मुद्रोपहारिणे नमः।।
ओं रक्षोघ्नाय नमः।।
ओं क्षितिभारहराय नमः।।
ओं बलाय नमः।।
ओं नखदंष्ट्रायुधाय नमः।।
ओं विष्णुभक्ताय नमः।।
ओं भक्ताभयप्रदाय नमः।।
ओं दर्पघ्ने नमः।।
ओं दर्पदाय नमः।।
ओं दंष्ट्राशतमूर्तये नमः।।
ओं अमूर्तिमते नमः।। ५६०
ओं महानिधये नमः।।
ओं महाभागाय नमः।।
ओं महाभर्गाय नमः।।
ओं महर्धिदाय नमः।।
ओं महाकाराय नमः।।
ओं महायोगिने नमः।।
ओं महातेजाय नमः।।
ओं महाद्युतये नमः।।
ओं महाकर्मणे नमः।।
ओं महानादाय नमः।।
ओं महामन्त्राय नमः।।
ओं महामतये नमः।।
ओं महाशमाय नमः।।
ओं महोदाराय नमः।।
ओं महादेवात्मकाय नमः।।
ओं विभवे नमः।।
ओं रुद्रकर्मणे नमः।।
ओं क्रूरकर्मणे नमः।।
ओं रत्ननाभाय नमः।।
ओं कृतागमाय नमः।। ५८०
ओं अम्भोधिलङ्घनाय नमः।।
ओं सिद्धाय नमः।।
ओं सत्यधर्मणे नमः।।
ओं प्रमोदनाय नमः।।
ओं जितामित्राय नमः।।
ओं जयाय नमः।।
ओं सोमाय नमः।।
ओं विजयाय नमः।।
ओं वायुवाहनाय नमः।।
ओं जीवाय नमः।।
ओं धात्रे नमः।।
ओं सहस्रांशवे नमः।।
ओं मुकुन्दाय नमः।।
ओं भूरिदक्षिणाय नमः।।
ओं सिद्धार्थाय नमः।।
ओं सिद्धिदाय नमः।।
ओं सिद्धाय नमः।।
ओं सङ्कल्पाय नमः।।
ओं सिद्धिहेतुकाय नमः।।
ओं सप्तपातालचरणाय नमः।। ६००
ओं सप्तर्षिगणवन्दिताय नमः।।
ओं सप्ताब्धिलङ्घनाय नमः।।
ओं वीराय नमः।।
ओं सप्तद्वीपोरुमण्डलाय नमः।।
ओं सप्ताङ्गराज्यसुखदाय नमः।।
ओं सप्तमातृनिषेविताय नमः।।
ओं सप्तलोकैकमकुटाय नमः।।
ओं सप्तहोत्राय नमः।।
ओं स्वराश्रयाय नमः।।
ओं सप्तसामोपगीताय नमः।।
ओं सप्तपातालसंश्रयाय नमः।।
ओं सप्तच्छन्दोनिधये नमः।।
ओं सप्तच्छन्दाय नमः।।
ओं सप्तजनाश्रयाय नमः।।
ओं मेधादाय नमः।।
ओं कीर्तिदाय नमः।।
ओं शोकहारिणे नमः।।
ओं दौर्भाग्यनाशनाय नमः।।
ओं सर्ववश्यकराय नमः।।
ओं गर्भदोषघ्ने नमः।। ६२०
ओं पुत्रपौत्रदाय नमः।।
ओं प्रतिवादिमुखस्तम्भाय नमः।।
ओं रुष्टचित्तप्रसादनाय नमः।।
ओं पराभिचारशमनाय नमः।।
ओं दुःखघ्ने नमः।।
ओं बन्धमोक्षदाय नमः।।
ओं नवद्वारपुराधाराय नमः।।
ओं नवद्वारनिकेतनाय नमः।।
ओं नरनारायणस्तुत्याय नमः।।
ओं नवनाथमहेश्वराय नमः।।
ओं मेखलिने नमः।।
ओं कवचिने नमः।।
ओं खड्गिने नमः।।
ओं भ्राजिष्णवे नमः।।
ओं जिष्णुसारथये नमः।।
ओं बहुयोजनविस्तीर्णपुच्छाय नमः।।
ओं पुच्छहतासुराय नमः।।
ओं दुष्टहन्त्रे नमः।।
ओं नियमित्रे नमः।।
ओं पिशाचग्रहशातनाय नमः।। ६४०
ओं बालग्रहविनाशिने नमः।।
ओं धर्मनेत्रे नमः।।
ओं कृपाकराय नमः।।
ओं उग्रकृत्याय नमः।।
ओं उग्रवेगाय नमः।।
ओं उग्रनेत्राय नमः।।
ओं शतक्रतवे नमः।।
ओं शतमन्युस्तुताय नमः।।
ओं स्तुत्याय नमः।।
ओं स्तुतये नमः।।
ओं स्तोत्रे नमः।।
ओं महाबलाय नमः।।
ओं समग्रगुणशालिने नमः।।
ओं व्यग्राय नमः।।
ओं रक्षोविनाशनाय नमः।।
ओं रक्षोग्निदावाय नमः।।
ओं ब्रह्मेशाय नमः।।
ओं श्रीधराय नमः।।
ओं भक्तवत्सलाय नमः।।
ओं मेघनादाय नमः।। ६६०
ओं मेघरूपाय नमः।।
ओं मेघवृष्टिनिवारणाय नमः।।
ओं मेघजीवनहेतवे नमः।।
ओं मेघश्यामाय नमः।।
ओं परात्मकाय नमः।।
ओं समीरतनयाय नमः।।
ओं धात्रे नमः।।
ओं तत्त्वविद्याविशारदाय नमः।।
ओं अमोघाय नमः।।
ओं अमोघवृष्टये नमः।।
ओं अभीष्टदाय नमः।।
ओं अनिष्टनाशनाय नमः।।
ओं अर्थाय नमः।।
ओं अनर्थापहारिणे नमः।।
ओं समर्थाय नमः।।
ओं रामसेवकाय नमः।।
ओं अर्थिने नमः।।
ओं धन्याय नमः।।
ओं असुरारातये नमः।।
ओं पुण्डरीकाक्षाय नमः।। ६८०
ओं आत्मभुवे नमः।।
ओं सङ्कर्षणाय नमः।।
ओं विशुद्धात्मने नमः।।
ओं विद्याराशये नमः।।
ओं सुरेश्वराय नमः।।
ओं अचलोद्धारकाय नमः।।
ओं नित्याय नमः।।
ओं सेतुकृते नमः।।
ओं रामसारथये नमः।।
ओं आनन्दाय नमः।।
ओं परमानन्दाय नमः।।
ओं मत्स्याय नमः।।
ओं कूर्माय नमः।।
ओं निधये नमः।।
ओं शयाय नमः।।
ओं वराहाय नमः।।
ओं नारसिंहाय नमः।।
ओं वामनाय नमः।।
ओं जमदग्निजाय नमः।।
ओं रामाय नमः।। ७००
ओं कृष्णाय नमः।।
ओं शिवाय नमः।।
ओं बुद्धाय नमः।।
ओं कल्किने नमः।।
ओं रामाश्रयाय नमः।।
ओं हरये नमः।।
ओं नन्दिने नमः।।
ओं भृङ्गिणे नमः।।
ओं चण्डिने नमः।।
ओं गणेशाय नमः।।
ओं गणसेविताय नमः।।
ओं कर्माध्यक्षाय नमः।।
ओं सुरारामाय नमः।।
ओं विश्रामाय नमः।।
ओं जगतीपतये नमः।।
ओं जगन्नाथाय नमः।।
ओं कपीशाय नमः।।
ओं सर्वावासाय नमः।।
ओं सदाश्रयाय नमः।।
ओं सुग्रीवादिस्तुताय नमः।। ७२०
ओं दान्ताय नमः।।
ओं सर्वकर्मणे नमः।।
ओं प्लवङ्गमाय नमः।।
ओं नखदारितरक्षसे नमः।।
ओं नखयुद्धविशारदाय नमः।।
ओं कुशलाय नमः।।
ओं सुधनाय नमः।।
ओं शेषाय नमः।।
ओं वासुकये नमः।।
ओं तक्षकाय नमः।।
ओं स्वर्णवर्णाय नमः।।
ओं बलाढ्याय नमः।।
ओं पुरुजेत्रे नमः।।
ओं अघनाशनाय नमः।।
ओं कैवल्यदीपाय नमः।।
ओं कैवल्याय नमः।।
ओं गरुडाय नमः।।
ओं पन्नगाय नमः।।
ओं गुरवे नमः।।
ओं क्लीक्लीरावहतारातिगर्वाय नमः।। ७४०
ओं पर्वतभेदनाय नमः।।
ओं वज्राङ्गाय नमः।।
ओं वज्रवक्त्राय नमः।।
ओं भक्तवज्रनिवारकाय नमः।।
ओं नखायुधाय नमः।।
ओं मणिग्रीवाय नमः।।
ओं ज्वालामालिने नमः।।
ओं भास्कराय नमः।।
ओं प्रौढप्रतापाय नमः।।
ओं तपनाय नमः।।
ओं भक्ततापनिवारकाय नमः।।
ओं शरणाय नमः।।
ओं जीवनाय नमः।।
ओं भोक्त्रे नमः।।
ओं नानाचेष्टाय नमः।।
ओं चञ्चलाय नमः।।
ओं स्वस्थाय नमः।।
ओं अस्वास्थ्यघ्ने नमः।।
ओं दुःखशातनाय नमः।।
ओं पवनात्मजाय नमः।। ७६०
ओं पवनाय नमः।।
ओं पावनाय नमः।।
ओं कान्ताय नमः।।
ओं भक्ताङ्गाय नमः।।
ओं सहनाय नमः।।
ओं बलाय नमः।।
ओं मेघनादरिपवे नमः।।
ओं मेघनादसंहृतराक्षसाय नमः।।
ओं क्षराय नमः।।
ओं अक्षराय नमः।।
ओं विनीतात्मने नमः।।
ओं वानरेशाय नमः।।
ओं सताङ्गतये नमः।।
ओं श्रीकण्ठाय नमः।।
ओं शितिकण्ठाय नमः।।
ओं सहायाय नमः।।
ओं सहनायकाय नमः।।
ओं अस्थूलाय नमः।।
ओं अनणवे नमः।।
ओं भर्गाय नमः।। ७८०
ओं देवसंसृतिनाशनाय नमः।।
ओं अध्यात्मविद्यासाराय नमः।।
ओं अध्यात्मकुशलाय नमः।।
ओं सुधिये नमः।।
ओं अकल्मषाय नमः।।
ओं सत्यहेतवे नमः।।
ओं सत्यदाय नमः।।
ओं सत्यगोचराय नमः।।
ओं सत्यगर्भाय नमः।।
ओं सत्यरूपाय नमः।।
ओं सत्याय नमः।।
ओं सत्यपराक्रमाय नमः।।
ओं अञ्जनाप्राणलिङ्गाय नमः।।
ओं वायुवंशोद्भवाय नमः।।
ओं श्रुतये नमः।।
ओं भद्ररूपाय नमः।।
ओं रुद्ररूपाय नमः।।
ओं सुरूपाय नमः।।
ओं चित्ररूपधृशे नमः।।
ओं मैनाकवन्दिताय नमः।। ८००
ओं सूक्ष्मदर्शनाय नमः।।
ओं विजयाय नमः।।
ओं जयाय नमः।।
ओं क्रान्तदिङ्मण्डलाय नमः।।
ओं रुद्राय नमः।।
ओं प्रकटीकृतविक्रमाय नमः।।
ओं कम्बुकण्ठाय नमः।।
ओं प्रसन्नात्मने नमः।।
ओं ह्रस्वनासाय नमः।।
ओं वृकोदराय नमः।।
ओं लम्बोष्ठाय नमः।।
ओं कुण्डलिने नमः।।
ओं चित्रमालिने नमः।।
ओं योगविदां वराय नमः।।
ओं विपश्चिते नमः।।
ओं कवये नमः।।
ओं आनन्दविग्रहाय नमः।।
ओं अनल्पनाशनाय नमः।।
ओं फाल्गुनीसूनवे नमः।।
ओं अव्यग्राय नमः।। ८२०
ओं योगात्मने नमः।।
ओं योगतत्पराय नमः।।
ओं योगविदे नमः।।
ओं योगकर्त्रे नमः।।
ओं योगयोनये नमः।।
ओं दिगम्बराय नमः।।
ओं अकारादिक्षकारान्तवर्णनिर्मितविग्रहाय नमः।।
ओं उलूखलमुखाय नमः।।
ओं सिद्धसंस्तुताय नमः।।
ओं परमेश्वराय नमः।।
ओं श्लिष्टजङ्घाय नमः।।
ओं श्लिष्टजानवे नमः।।
ओं श्लिष्टपाणये नमः।।
ओं शिखाधराय नमः।।
ओं सुशर्मणे नमः।।
ओं अमितधर्मणे नमः।।
ओं नारायणपरायणाय नमः।।
ओं जिष्णवे नमः।।
ओं भविष्णवे नमः।।
ओं रोचिष्णवे नमः।। ८४०
ओं ग्रसिष्णवे नमः।।
ओं स्थाणवे नमः।।
ओं हरये नमः।।
ओं रुद्रानुकृते नमः।।
ओं वृक्षकम्पनाय नमः।।
ओं भूमिकम्पनाय नमः।।
ओं गुणप्रवाहाय नमः।।
ओं सूत्रात्मने नमः।।
ओं वीतरागाय नमः।।
ओं स्तुतिप्रियाय नमः।।
ओं नागकन्याभयध्वंसिने नमः।।
ओं कृतपूर्णाय नमः।।
ओं कपालभृते नमः।।
ओं अनुकूलाय नमः।।
ओं अक्षयाय नमः।।
ओं अपायाय नमः।।
ओं अनपायाय नमः।।
ओं वेदपारगाय नमः।।
ओं अक्षराय नमः।।
ओं पुरुषाय नमः।। ८६०
ओं लोकनाथाय नमः।।
ओं त्र्यक्षाय नमः।।
ओं प्रभवे नमः।।
ओं दृढाय नमः।।
ओं अष्टाङ्गयोगफलभुवे नमः।।
ओं सत्यसन्धाय नमः।।
ओं पुरुष्टुताय नमः।।
ओं श्मशानस्थाननिलयाय नमः।।
ओं प्रेतविद्रावणक्षमाय नमः।।
ओं पञ्चाक्षरपराय नमः।।
ओं पञ्चमातृकाय नमः।।
ओं रञ्जनाय नमः।।
ओं ध्वजाय नमः।।
ओं योगिनीवृन्दवन्द्यश्रिये नमः।।
ओं शत्रुघ्नाय नमः।।
ओं अनन्तविक्रमाय नमः।।
ओं ब्रह्मचारिणे नमः।।
ओं इन्द्रियवपुषे नमः।।
ओं धृतदण्डाय नमः।।
ओं दशात्मकाय नमः।। ८८०
ओं अप्रपञ्चाय नमः।।
ओं सदाचाराय नमः।।
ओं शूरसेनाय नमः।।
ओं विदारकाय नमः।।
ओं बुद्धाय नमः।।
ओं प्रमोदाय नमः।।
ओं आनन्दाय नमः।।
ओं सप्तजिह्वपतये नमः।।
ओं धराय नमः।।
ओं नवद्वारपुराधाराय नमः।।
ओं प्रत्यग्राय नमः।।
ओं सामगायनाय नमः।।
ओं षट्चक्रधाम्ने नमः।।
ओं स्वर्लोकभयहृते नमः।।
ओं मानदाय नमः।।
ओं मदाय नमः।।
ओं सर्ववश्यकराय नमः।।
ओं शक्तये नमः।।
ओं अनन्ताय नमः।।
ओं अनन्तमङ्गलाय नमः।। ९००
ओं अष्टमूर्तिधराय नमः।।
ओं नेत्रे नमः।।
ओं विरूपाय नमः।।
ओं स्वरसुन्दराय नमः।।
ओं धूमकेतवे नमः।।
ओं महाकेतवे नमः।।
ओं सत्यकेतवे नमः।।
ओं महारथाय नमः।।
ओं नन्दिने नमः।।
ओं प्रियाय नमः।।
ओं स्वतन्त्राय नमः।।
ओं मेखलिने नमः।।
ओं डमरुप्रियाय नमः।।
ओं लोहिताङ्गाय नमः।।
ओं समिधे नमः।।
ओं वह्नये नमः।।
ओं षडृतवे नमः।।
ओं शर्वाय नमः।।
ओं ईश्वराय नमः।।
ओं फलभुजे नमः।। ९२०
ओं फलहस्ताय नमः।।
ओं सर्वकर्मफलप्रदाय नमः।।
ओं धर्माध्यक्षाय नमः।।
ओं धर्मफलाय नमः।।
ओं धर्माय नमः।।
ओं धर्मप्रदाय नमः।।
ओं अर्थदाय नमः।।
ओं पञ्चविंशतितत्त्वज्ञाय नमः।।
ओं तारकाय नमः।।
ओं ब्रह्मतत्पराय नमः।।
ओं त्रिमार्गवसतये नमः।।
ओं भीमाय नमः।।
ओं सर्वदुष्टनिबर्हणाय नमः।।
ओं ऊर्जःस्वामिने नमः।।
ओं जलस्वामिने नमः।।
ओं शूलिने नमः।।
ओं मालिने नमः।।
ओं निशाकराय नमः।।
ओं रक्ताम्बरधराय नमः।।
ओं रक्ताय नमः।। ९४०
ओं रक्तमाल्यविभूषणाय नमः।।
ओं वनमालिने नमः।।
ओं शुभाङ्गाय नमः।।
ओं श्वेताय नमः।।
ओं श्वेताम्बराय नमः।।
ओं युवाय नमः।।
ओं जयाय नमः।।
ओं अजेयपरीवाराय नमः।।
ओं सहस्रवदनाय नमः।।
ओं कवये नमः।।
ओं शाकिनीडाकिनीयक्षरक्षोभूतप्रभञ्जनाय नमः।।
ओं सद्योजाताय नमः।।
ओं कामगतये नमः।।
ओं ज्ञानमूर्तये नमः।।
ओं यशस्कराय नमः।।
ओं शम्भुतेजसे नमः।।
ओं सार्वभौमाय नमः।।
ओं विष्णुभक्ताय नमः।।
ओं प्लवङ्गमाय नमः।।
ओं चतुर्णवतिमन्त्रज्ञाय नमः।। ९६०
ओं पौलस्त्यबलदर्पघ्ने नमः।।
ओं सर्वलक्ष्मीप्रदाय नमः।।
ओं श्रीमते नमः।।
ओं अङ्गदप्रियवर्धनाय नमः।।
ओं स्मृतिबीजाय नमः।।
ओं सुरेशानाय नमः।।
ओं संसारभयनाशनाय नमः।।
ओं उत्तमाय नमः।।
ओं श्रीपरीवाराय नमः।।
ओं श्रीभुवे नमः।।
ओं उग्राय नमः।।
ओं कामदुहे नमः।।
ओं सदागतये नमः।।
ओं मातरिश्वने नमः।।
ओं रामपादाब्जषट्पदाय नमः।।
ओं नीलप्रियाय नमः।।
ओं नीलवर्णाय नमः।।
ओं नीलवर्णप्रियाय नमः।।
ओं सुहृदे नमः।।
ओं रामदूताय नमः।। ९८०
ओं लोकबन्धवे नमः।।
ओं अन्तरात्मने नमः।।
ओं मनोरमाय नमः।।
ओं श्रीरामध्यानकृते नमः।।
ओं वीराय नमः।।
ओं सदा किम्पुरुषस्तुताय नमः।।
ओं रामकार्यान्तरङ्गाय नमः।।
ओं शुद्धये नमः।।
ओं गत्यै नमः।।
ओं अनामयाय नमः।।
ओं पुण्यश्लोकाय नमः।।
ओं परानन्दाय नमः।।
ओं परेशप्रियसारथये नमः।।
ओं लोकस्वामिने नमः।।
ओं मुक्तिदात्रे नमः।।
ओं सर्वकारणकारणाय नमः।।
ओं महाबलाय नमः।।
ओं महावीराय नमः।।
ओं पारावारगतये नमः।।
ओं गुरवे नमः।। १०००
ओं तारकाय नमः।।
ओं भगवते नमः।।
ओं त्रात्रे नमः।।
ओं स्वस्तिदात्रे नमः।।
ओं सुमङ्गलाय नमः।।
ओं समस्तलोकसाक्षिणे नमः।।
ओं समस्तसुरवन्दिताय नमः।।
ओं सीतासमेत श्रीरामपादसेवा धुरन्धराय नमः।। १००८
।। इति श्री हनुमत्सहस्रनामावली ।।
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